यूपी सरकार का श्रमिकों के हितार्थ बड़ा फैसला,3 वर्ष तक श्रम कानून संस्पेंड
स्वामी प्रसाद मौर्य को उम्मीद- निवेश को मिलेगा बढ़ावा सीताराम येचुरी ने लगाया श्रम को नष्ट करने का आरोप लखनऊ । कोरोना वायरस की महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लागू है. लॉकडाउन के कारण उद्योग धंधे पूरी तरह से बंद हैं. श्रमिकों की समस्या के कारण खोलने की छूट के बावजूद बंद पड़े कार्यालयों पर ताले लटके पड़े हैं. अब उत्तर की योगी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र की ग्रोथ दर को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने प्रमुख श्रमिक कानूनों को शिथिल कर दिया है. सरकार ने एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है, जो प्रमुख श्रम कानूनों से छूट देता है. यह छूट तीन साल के लिए प्रभावी होगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी. श्रमिक संघों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण कानून, काम के विवादों को निपटाने, काम करने की स्थिति, अनुबंध आदि को मौजूदा और नए कारखानों के लिए तीन साल तक निलंबित रखा जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस फैसले की जानकारी दी गई है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि लॉकडाउन के कारण प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक ...