महाराष्ट्र दिवस पर राज्यपाल से मिले उद्धव, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री समेत तमाम नेताओं ने दी बधाई
मुंबई, जेएनएन। महाराष्ट्र दिवस के मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज राजभवन में शिष्टाचार दौरा किया और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से करीब 20 मिनट तक मुलाकात की। इस मौके पर लोगों को शुभकामना देने के लिए कई राजनीतिक नेताओं ने ट्वीट किया। पीएम मोदी ने मराठी में ट्वीट करके कहा, 'महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के भाइयों और बहनों को मेरी शुभकामनाएं। भारत देश के विकास में महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है। मैं आने वाले वर्षों में राज्य की प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं। जय महाराष्ट्र!'
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुभकामनाए दी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मराठी में ट्वीट करके राज्य के लोगों को शुभकामनाए दी, ' महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के लोगों को शुभकामनाएं। आने वाले वर्षों में राज्य में खूब समृद्धि प्राप्त करे और सुरक्षित रहे।'
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने दी शुभकामनाएं
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट करके कहा, 'राज्य गठन दिवस पर महाराष्ट्र के लोगों को शुभकामनाएं। राज्य ने राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य की प्रगति और समृद्धि और इसके लोगों की भलाई के लिए मेरी शुभकामनाएं।'
कांग्रेस पार्टी ने दी शुभकामनाएं
कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारीक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कहा, 'यह महाराष्ट्र दिवस, हम अपने मराठी भाइयों और बहनों को राज्य और राष्ट्र की बेहतरी के लिए उनके अथक साहस और प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हैं। महामारी के इन समयों के दौरान भी, उन्होंने चुनौती का मुकाबला किया है और मजबूत बने हुए हैं।
शरद पवार ने किया ट्वीट
एनसीपी के नेता शरद पवार ने ट्वीट कर कहा, 'महाराष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति वर्तमान में कोरोना जैसी चुनौती का सामना कर रही है। आइए हम सभी राज्य की आर्थिक सुधार के लिए एक साथ खड़े होने का संकल्प लें। सभी को महाराष्ट्र दिवस और मजदूर दिवस की शुभकामनाएं!'
1960 में आज ही के दिन महाराष्ट्र अस्तित्व में आया
बता दें कि आज ही दिन 1960 में महाराष्ट्र अस्तित्व में आया था। उस वक्त बॉम्बे प्रदेश में गुजराती और मराठी बोलने वालों की संख्या ज्यादा थी। दोनों अल-अलग राज्यों की मांग करते थे। इससे पहले राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत कई राज्यों का गठन हुआ था। लेकिन मराठियों और गुजरातियों को अलग राज्य नहीं मिला, ऐसे में इस मांग को लेकर कई आंदोलन हुए। इसके बाद देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की सरकार ने 1 मई 1960 को बॉम्बे प्रदेश को 'बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम 1960' के तहत दो राज्यों(महाराष्ट्र और गुजरात) में बांट दिया। दोनों राज्यों के बीच दोनों राज्यों में बॉम्बे( अब मुंबई) को लेकर भी विवाद हुआ था। मराठियों का कहना था कि यहां मराठी बोलने वाले ज्यादा हैं, तो बॉम्बे उन्हें मिलना चाहिए। अंत में इसे महाराष्ट्र की राजधानी बनाई गई।
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