उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री राम कृष्ण द्विवेदी का निधन,कांग्रेसियों में शोक की लहर
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गोरखपुर । उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी (78 वर्ष) का शुक्रवार को सुबह लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर कांग्रेसियों में शोक की लहर है।
मुख्यमंत्री को देना पड़ा था इस्तीफा
प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री व कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता स्व. रामकृष्ण द्विवेदी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री टीएन सिंह (त्रिभुवन नारायण सिंह) को उपचुनाव में हराकर सुर्खियां बटोरी थी। उप चुनाव में हार के कारण मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और पं. कमलापति त्रिपाठी के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ जिसमें रामकृष्ण द्विवेदी को गृह मंत्री बनाया गया।
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विश्वविजय सिंह के मुताबिक जनवरी 1971 में मानीराम विधानसभा सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री टीएन सिंह ने चुनाव लड़ा तो यह सीट प्रतिष्ठापरक हो गई। उपचुनाव में कांग्रेस ने रामकृष्ण द्विवेदी को अपना प्रत्याशी बनाया और उनके प्रचार के लिए प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी खुद आईं। चुनाव के दो दिन पहले इंदिरा गांधी के भाषण ने चुनाव की तस्वीर बदल दी, अंतत: रामकृष्ण द्विवेदी चुनाव में विजयी घोषित हुए।
उप चुनाव के बाद बढ़ता गया कद
उप चुनाव में मुख्यमंत्री को हराने के बाद पं. द्विवेदी का कद लगातार बढ़ता गया। बहुत जल्द ही वह प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबियों में शुमार हो गए। वह प्रदेश अनुशासन समिति के लंबे समय तक चेयरमैन रहे।
छात्र राजनीति व पत्रकारिता से भी था गहरा जुड़ाव
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रदीप पांडेय बताते हैं कि पं. रामकृष्ण द्विवेदी का जन्म पांच जनवरी 1933 को विकास खंड जंगल कौडिय़ा के भंडारो गांव में हुआ। अद्भुत वाणी के धनी पं. द्विवेदी छात्र राजनीति से जुड़े। इसके बाद वह सेंट एंड्रयूज कालेज में महामंत्री बने। इसके बाद उनका दखल छात्र राजनीति में बढ़ता गया। इसी दौरान उन्होंने पत्रकारिता भी शुरू कर दी और कुछ प्रमुख अखबारों से भी जुड़े रहे। उनका सिविल लांइस में आवास था और गृहमंत्री रहने के दौरान आवास पर कांग्रेसियों का जमावड़ा लगा रहता था।
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