उत्तर प्रदेश के दस और जिले हुए कोरोना मुक्त,,अब 32 जिलों में कोरोना का एक भी केस नहीं


लखनऊ । उत्तर प्रदेश में धीरे धीरे बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच दस जिलों से राहत भरी खबर है। अब उत्तर प्रदेश के दस और जिले कोरोना मुक्त हो गए हैं। 22 जिले पहले से ही कोरोना मुक्त हैं। इस तरह अब प्रदेश में कुल 32 ऐसे जिले हैं जहां कोरोना का कोई मरीज नहीं है। जिन इस जिलों में कोराना का अब कोई केस नहीं हैं उनमें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, हाथरस, बरेली, प्रयागराज, महाराजगंज, शाहजहांपुर, बाराबंकी, हरदोई और कौशांबी शामिल है। 


लाॅकडाउन का मतलब टोटल लाॅकडाउन


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोक भवन में  एक उच्चस्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि लाॅकडाउन का मतलब टोटल लाॅक डाउन है। इसलिए लाॅकडाउन का सख्ती से शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए। लाॅकडाउन का उल्लंघन अथवा दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने समस्त गतिविधियों में प्रत्येक दशा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लाॅकडाउन अवधि में आवश्यक सामग्री की सुचारु आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। किसी को भी सप्लाई चेन व्यवस्था के दुरुपयोग की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन में लगे लोगों की भी मेडिकल जांच होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को संस्थाओं द्वारा कम्युनिटी किचन में उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की जांच के निर्देश भी दिए।


अलीगढ़, सहारनपुर तथा मुरादाबाद संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील


मुख्यमंत्री ने कहा कि अलीगढ़, सहारनपुर तथा मुरादाबाद संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इसलिए इनके मण्डलीय चिकित्सालय में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। जांच कार्य में तेजी लाने के लिए अधिक से अधिक मेडिकल टेक्नीशियनों की टेªनिंग कराई जाए। जांच प्रयोगशालाओं के उपकरणों को दुरुस्त रखा जाए।
 


आइसोलेशन बेड पर रोगी के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था जरूरी :


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक आइसोलेशन बेड पर रोगी के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होने चाहिए। प्रत्येक 10 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। एल-1, एल-2 तथा एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों व अन्य संसाधनों की व्यवस्था तथा टेस्टिंग लैब की स्थापना के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष-कोविड केयर फण्ड’ बनाया गया है। फण्ड में उपलब्ध धनराशि से चिकित्सा उपकरण आदि की व्यवस्था प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए।


 


Sabhar livehindustan


Comments

Popular posts from this blog

मीडिया में बड़े बदलाव की जरूरत ?:- डॉ अजय कुमार मिश्रा

डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस : श्री अन्न की खेती के लिए दिया गया जोर

व्यंग्य आलेख ....वर्ना होली की ठिठोली !