मुम्बई के धारावी झोपड़पट्टी में कोरोना संक्रमण काबू से बाहर होने का खतरा, अफरातफरी में मचा हड़कंप


मुम्बई । कोरोना वायरस अब मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में भी फैलने लगा है। एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी कही जाने वाली धारावी में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की मौत से स्लम बस्ती धारावी में खलबली मच गई है। यहां कोरोना वायरस के एक और मामले की पुष्टि हुई है। एक 35 वर्षीय डॉक्टर का कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया है। उसके परिवार को क्वारंटाइन कर दिया गया है, आज उनका टेस्ट किया जाएगा। धारावी में जिस बिल्डिंग में वो मरीज रहता है उसको बीएमसी ने सील कर दिया है।


इससे पहले 52 वर्षीय मरीज सफाईकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। वह अपने परिवार के साथ वरली में रहता है, लेकिन बस्ती को सेनेटाइज करने आता था। उसकी हालत स्थिर बताई गई है, व्यक्ति के संपर्क में रहे 23 लोगों को क्वरंटीन किया गया है।


 
युद्धस्तर पर सैनिटाइजेशन का काम
बस्ती में मरीजों के मिलने के बाद बृहस्पतिवार सुबह से ही इलाके को सेनेटाइज करने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। बालिगा नगर में 300 फ्लैट और 90 दुकाने सील की गई हैं। लोगों के लिए जीवनावश्यक बस्तुओं की आपूर्ति के लिए कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है। वहीं, पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है।
9 लाख लोगों की जांच
धारावी में पिछले हफ्ते 2 लाख लोगों का सर्वे किया गया था और 9 लाख लोगों की मेडिकल हिस्ट्री जांची गई थी। 90 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे।  सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।



ब्रिटिश काल में बसाई गई थी धारावी...


धारावी साल 1884 में ब्रिटिश काल में बसाई गई थी। इस बस्ती में फैक्टरी और दूसरी जगहों पर काम करने वाले मजदूर रहते थे। यहां पर बाहर से आने वाले लोगों को आसानी से झोपड़ी में छत नसीब हो जाती है इसलिए यहां लोग बड़ी संख्या में रहते हैं।


करीब 520 एकड़ में फैले धारावी में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं। धारावी के सघन होने की वजह से यहां पर पहले भी महामारी फैलने का इतिहास रहा है। 1896 में जब प्लेग का साया देश और विदेश पर पड़ा था तो इसने धारावी सहित मुंबई की आधी आबादी को लील लिया था।


 


Sabhar amarujala


Comments

Popular posts from this blog

मीडिया में बड़े बदलाव की जरूरत ?:- डॉ अजय कुमार मिश्रा

डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस : श्री अन्न की खेती के लिए दिया गया जोर

व्यंग्य आलेख ....वर्ना होली की ठिठोली !