किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी-15 अप्रैल से सभी राज्यों में शुरू होगी गेहूं की खरीदारी


नई दिल्ली । 
लॉकडाउन की वजह से किसानों को दिक्कत ना हो और उनकी फसल की खरीद हो सके इसके लिए राज्य सरकारें 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर देंगी। साथ ही केंद्र सरकार ने दालें और ऑयल सीड (दलहन और तिलहन) की खरीद के लिए भी राज्य सरकारों को निर्देश दे दिए है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार पूरी कोशिश में है कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को दिक्कत कम से कम हो। उन्होंने कहा कि प्याज की कीमत ना बढ़े इस पर भी हमारी नजर है। हम कोशिश कर रहे हैं कि किसानों का प्याज जल्दी से जल्दी मंडी में पहुंच सके।
25 पर्सेंट दलहन-तिलहन की खरीद करेगी राज्य सरकारें
कृषि मंत्री ने कहा कि दलहन और तिलहन की खरीद के लिए पहले राज्य सरकारें प्रस्ताव भेजते थे फिर केंद्र सरकार उसमें अनुमति देती थी। लेकिन लॉकडाउन को देखते हुए हमने बिना राज्यों के प्रस्ताव का इंतजार किए ऑर्डर निकाल दिए हैं। राज्य सरकारों से कहा गया है कि 25 पर्सेंट तिलहन और दलहन की खरीद कर लें। उन्होंने् कहा कि राज्य सरकारें गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से शुरू कर देंगी। राज्यों से कहा गया है कि खरीद केंद्र ज्यादा बनाएं ताकि किसानों की एक साथ भीड़ ना हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो।


ज्यादातर जगहों पर फसल काटे गए
कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, यूपी में सरसों की 95-97 पर्सेंट फसल काट ली गई है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, महाराष्ट्र, बुंदेलखंड, आंध्र प्रदेश में करीब 95 पर्सेंट चने की फसल काट ली है। मध्य प्रदेश में वक्त पर बोया गया 80-85 पर्सेंट गेहूं काट लिया है। लेकिन बाद में बोया गया करीब 18 पर्सेंट गेहूं हरियाणा, पंजाब में नहीं कट पाया है। मजदूरों की कमी से दिक्कत ना हो इसके लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर हल निकाला जा रहा है।


स्टोरेज में रखेगी सरकार
उन्होंने बताया कि गुरुवार को महाराष्ट्र के फल उत्पादक किसानों से फलों को लेकर चर्चा हुई थी। केंद्र सरकार की एमआईएस स्कीम है उसके मुताबिक जब किसान की फसल का दाम एकदम कम हो जाता है तो राज्य सरकार उसे खरीदकर कोल्ड स्टोरेज में रख लेती है और समय आने पर बेचती है। जो नुकसान होता है उसकी भरपाई आधा राज्य और आधा केंद्र सरकार करती है।


देशभर में चल रही हैं 1600 मंडियां
इस स्कीम से फल उत्पादक किसानों को अपना उत्पाद खराब होने का डर नहीं रहेगा और वह उसे राज्य को बेच सकते हैं। तोमर ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने यह ऑर्डर कर दिया है और सभी फल किसान से अपील की वह इस स्कीम का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अभी देश भर में 1600 मंडियां चल रही हैं। राज्य सरकारों से कहा गया है कि वह तीन महीने के लिए व्यापारियों और किसानों को मंडी ऐक्ट में छूट दें ताकि वह मंडी से बाहर भी अपना उत्पाद बेच सकें।


 


Sabhar nbt


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