गुजरात से यूपी पूरे परिवार से पैदल यात्रा करने वाली,, प्रसूता ने रास्ते में बच्चे को दिया जन्म,परिवार सहित हुई क्वॉरेंटाइन



                     सांकेतिक फ़ोटो पैदल यात्री


सूरत से उप्र जा रहा था मजदूर परिवार, रास्ते में प्रसूता ने दिया पुत्र को जन्म; जच्चा-बच्चा स्वस्थ


मनावर (धार), जेएनएन। गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की भोगनीपुर तहसील के ग्राम ट्योंगा के लिए निकली महिला ने मध्य प्रदेश के धार जिले के मनावर में पुत्र को जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। महिला के साथ पति, तीन वर्षीय पुत्र और चार वर्षीय पुत्री भी है। महिला को यहां से गुजरने के दौरान परिवार सहित क्वारंटाइन किया गया था। 


लॉकडाउन से एक माह पूर्व सूरत गया था मजदूर परिवार 


बिन्नू देवी केवट ने बताया कि लॉकडाउन के एक माह पूर्व ही रोजी-रोटी की तलाश में पति प्रमोद व दो छोटे बच्चों के साथ सूरत गए थे। यहां पति-पत्नी धागा फैक्ट्री में काम करते थे। लॉकडाउन के बाद फैक्ट्री में काम बंद हो गया। मकान किराये के साथ बच्चों के लालन-पालन का संकट खड़ा हो गया। 25 मार्च को सूरत में परीक्षण कराया तो डॉक्टर ने बताया कि प्रसव के लिए एक माह का समय है। कोई व्यवस्था नहीं होने पर सोचा कि एक माह में हम अपने घर पहुंच जाएंगे। हिम्मत कर पति व बच्चों के साथ 28 मार्च को पैदल निकल गए।


 


एेसे तय किया सफर, मप्र में पुलिस ने किया क्वारंटाइन


बिन्नूदेवी ने बताया कि गुजरात की सीमा पर बस मिली थी। बस वाले ने 200 रुपये लेकर इंदौर तक छोड़ने का कहा था। इंदौर से अन्य व्यवस्था हो जाएगी, यह सोच कर हम बस में सवार हो गए। चूंकि बस धार जिले के कुक्षी की थी, इसलिए बस वाले ने धोखा देकर इंदौर की बजाय हमें कुक्षी में ही उतार दिया। वहां से हमने फिर से पैदल यात्रा शुरू की। बच्चे कभी भूख से विचलित होते तो कभी पानी के लिए रोते थे। मनावर आने पर पुलिस ने हमें रोक लिया। 31 मार्च से हम मनावर मांगलिक भवन में रुके  हुए थे। सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर एसडीएम दिव्या पटेल को जानकारी दी। इसके बाद प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया।



 

 

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