ये पाँच कारणों से लोग अपनाते हैं लिव-इन रिलेशनशिप, इससे बचने के लिए ये हैं उपाय

 


            प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay


नई दिल्ली ।
जब कोई लड़का और लड़की बिना शादी किए एक ही घर में साथ-साथ पति-पत्नी की तरह रहने लगते हैं तो उसे लिव इन रिलेशनशिप के तौर पर जाना जाता है। इसका ट्रेंड्स बड़े शहरों में बहुत ज्यादा है। हालांकि इसका सबसे ज्यादा प्रसार फिल्मी सितारों के कारण हुआ। युवाओं में इसका चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आखिर युवाओं में इसका चलन बढ़ने के क्या कारण हैं? इसके साथ ही हम आपको बताएंगे कि युवा पीढ़ी को ऐसे संबंधों को कैसे बचाया जा सकता है 



 जिम्मेदारियां
लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल पर किसी भी तरह की सामाजिक या पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं होती हैं। इतना ही नहीं दोनों पार्टनर के बीच वित्तीय जिम्मेदारियां भी बंटी होती हैं। इसी वजह से युवा वर्ग बोझिल जिम्मेदारियों से किनारा पाने के लिए लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगते हैं।


उपाय - अगर माता-पिता शुरू से ही बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियां देने लगे तो भविष्य में बच्चा किसी भी तरह की सामाजिक व पारिवारिक जिम्मेदारियों को उठाने से दूर नहीं भागेगा ।


 


फैशन के रूप में
कई बार युवाओं के द्वारा उठाए कदमों पर सही राय देने वाले नहीं मिलते हैं। आसपास के माहौल और कुछ नया ट्राई करने की चाहत में वो कुछ ऐसे कदम उठा लेते हैं। हद तो उस समय हो जाती है जब मंझले शहर में रहने वाले युवा इस चाहत को पूरा करने के लिए भाई-बहन का मुखौटा पहन लेते हैं।


उपाय - ट्रेंड में चाहे जो भी चीजें चल रहीं हो या आपके आस-पास का माहौल चाहे कितना ही दबाव क्यों ना बनाएं, आपको खुद से यह समझने की आवश्यकता है कि आप जो करने जा रहे हैं वो कितना सही है। आपको कोई फैसला लेने से पहले ही उसके परिणामों का आकलन कर लेना चाहिए और बिना सोच-विचार किए फैसला नहीं लेना चाहिए।



कुंठित विचारधारा
हमारा समाज अभी कुंठित विचारधारा से बाहर नहीं निकल पाया है। यदि कोई युवा किसी दुसरे जाति या धर्म के साथ वैवाहिक संबंध बनाना चाहे तो समाज उसे एक होने नहीं देता है। इसी जमाने के डर से युवा लिव इन में ही रहकर अपनी चाहत पूरा करते हुए सुकून से जीवन जीते हैं। उन्हें ये किसी भी प्रकार से गलत नहीं लगता है।

उपाय - यदि समाज अपने संस्कृति की परवाह कर रहा है तो उसे जातिवाद, धर्मवाद, रूढ़िवादिता की मानसिकता से ऊपर उठना होगा। आपके अपने बच्चों के फैसले का सम्मान करना चाहिए। आपको उनकी हर बातों पर गौर करना चाहिए और सही सलाह देना चाहिए।



सही उम्र में शादी
आधुनिक दौर में युवा शादी के बंधन में बंधने से पहले अच्छे से सेटल होना चाहता है। लेकिन हम हैं तो एक इंसान ही, हमारे शरीर की कुछ आवश्यकताएं हैं, जो पूरी होने की मांग करेंगी। इसे पूरा करने के लिए युवा लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगते हैं।

उपाय - युवाओं को अपने कुशलता के साथ हुनर को तरासने का प्रयास करना चाहिए। इससे वह बहुत जल्द जीवन में संतुष्ट हो जाएंगे और पारिवारिक सुखों का भी आनंद ले पाएंगे।



अलगाव
लिव इन में रहने वाले कई युवा का यह मानना होता है कि वो एक-दूसरे को जानने के लिए साथ में रहते हैं। यदि साथ रहने का अनुभव सही नहीं रहा तो वो मूव ऑन कर लेंगे। ऐसे में कई लोग भावनाओं से खेलते हैं।

उपाय - समाज को यह स्वीकार करना होगा कि शादी के बाद भी यदि जोड़ों को रिश्ता बोझिल लगे तो वो अलगाव कर लें। उन्हें इस चीज की स्वतंत्रता देनी चाहिए और स्वाभिमान मुक्त जीवन निर्वाह का मौका देना चाहिए।


Sabhar amarujala


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