प्रचार प्रसार के साथ ही घर घर जाकर शुरु हुई कुष्‍ठ रोगियों की खोज


जिला मुख्‍यालय पर कुष्‍ठ अभियान का शुभारंभ करते हुए एडीएम रणविजय सिंह


 


*स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने शुरु किया कुष्‍ठ के विरुद्ध आखिरी युद्ध*


- पोलियो और चेचक की तरह से अपने गांव व देश को करें कुष्‍ठ मुक्‍त



संतकबीरनगर ।
राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की पुण्‍य तिथि के अवसर पर कुष्‍ठ के विरुद्ध आखिरी युद्ध थीम के साथ स्‍पर्श कुष्‍ठ जागरुकता अभियान की शुरुआत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद से हुई।  इस अवसर पर हरी झण्‍डी दिखाकर कुष्‍ठ के प्रचार वाहन को रवाना किया गया। साथ ही घर घर जाकर कुष्‍ठ रोगियों की खोज भी शुरु की गयी।


कुष्‍ठ जागरुकता अभियान का शुभारंभ प्रभारी जिलाधिकारी / एडीएम रण्‍विजय सिंह ने प्रचार वाहनों को हरी झण्‍डी दिखाकर किया। इस अवसर पर उपस्थित स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों के कर्तव्‍यपरायणता की ही देन है कि हमने पोलियो और चेचक से अपने गांव देश को मुक्‍त कर दिया। इसी को ध्‍यान में रखते हुए हमें पूरे समाज को कुष्‍ठ मुक्‍त करने के लिए आगे आना होगा।


इस दौरान सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से देश को कुष्ठ रोग मुक्त करने हेतु हर संभव प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर घर जाकर कुष्ठ के संभावित मरीजों की खोज कर रहे हैं। इस बीमारी का इलाज बिल्कुल मुफ्त है और हर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है। कुष्‍ठ जागरुकता अभियान आगामी 13 फरवरी तक चलेगा।


इस अवसर पर जिला कुष्‍ठ रोग अधिकारी डॉ वेद प्रकाश पाण्‍डेय, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा, प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एस रहमान, वीपीएम अभय त्रिपाठी, बीसीपीएम महेन्‍द्र त्रिपाठी, डॉ वी के सोनी, डॉ विजय गुप्‍ता के साथ ही अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी उपस्थित रहे।



कुष्‍ठ जागरुकता की शपथ दिलाते हुए एडीएम तथा साथ में सीएमओ


 


*कुष्‍ठ मिटाने के लिए लिया संकल्‍प*
कार्यक्रम के दौरान कुष्‍ठ मिटाने के लिए सभी लोगों ने संकल्‍प लिया। एडीएम ने सभी को हाथ उठाकर समाज को कुष्‍ठ मुक्‍त करने का संकल्‍प दिलाया । साथ ही यह भी कहा कि कोई भी व्‍यक्ति कुष्‍ठ रोग से ग्रसित होता है तो उसको खोजकर उसका उपचार कराएं। कुष्‍ठ रोगी को कभी भी घृणा की दृष्टि से नहीं देखें।


*नाटक मण्‍डली करेगी कुष्‍ठ का प्रचार*
राज्‍य मुखयालय से आई नाटक मण्‍डली पूरे जिले में घूमकर कुष्‍ठ रोग के बारे में लोगों को जागरुक करेगी। इस नाटक मण्‍डली के सदस्‍य श्‍याम कुमार बताते हैं कि हम लोगों ने कुष्‍ठ रोग के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए एक विशेष नुक्‍कड़ नाटक तैयार किया है। इसमें इसके लक्षण, कारण, बचाव तथा कुष्‍ठ रोगियों से घृणा न करने का संदेश है।



*इन भ्रान्तियों पर भी दें ध्‍यान*
डॉ वीपी पाण्‍डेय ने बताया कि कि कुष्‍ठ रोग पूर्व जन्‍म के पापों का फल नहीं होता है। हाथ मिलाने से भी कुष्‍ठ रोग नहीं फैलता है। यह रोग अनुवांशिक रोग भी नहीं है। बल्कि माइकोवैक्‍टीरिया लैपे नामक जीवाणु से फैलता है। यह वैक्‍टीरिया अनुपचारित कुष्‍ठरोग ग्रस्‍त व्‍यक्ति के नाक व मुंह से निकलता है और उसी रास्‍ते प्रवेश भी करता है। 


*ये हैं कुष्‍ठ रोग के लक्षण*
हल्‍के रंग क या तांबई रंग के दाग या धब्‍बे हो, त्‍वचा के दाग धब्‍बों में संवेदनहीनता, सुन्‍नपन हो, पैरों में अस्थि‍रता या झुनझुनी हो, हाथ पैर या पलकें कमजोर हों, नसों में दर्द, कान व चेहरे पर सूजन या गांठ हो। हाथ या पैरों पर घाव हों, लेकिन उनमें दर्द न हो।


*जिले में है कुल 122 कुष्‍ठ रोगी*
राष्‍ट्रीय कुष्‍ठ अभियान के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 18 – 19 तक कुष्‍ठ रोग के 69 मरीज पाए गए। वहीं वर्ष 2019 – 20 में अब तक कुल 53 मरीज सामने आए हैं। कुल 122 मरीजों में से 56 मरीजों का इलाज चल रहा है। जबकि 66 मरीज पूरी तरह से स्‍वस्‍थ हो गए हैं।
 


 


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